Written on the spot Raipur Edition #36

मेरी विरासत

Ram Jain
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@rj • Raipur member
विचार भी हमारे हमें विरासत में मिलते हैं रोजमर्रा की आदतों में पिरोए मिलते हैं शीश झुकाने को संस्कार कहते हैं सदियों से चलती आरही प्रथा कहते हैं बर्तन तो घर के वो धो सकते हैं उसी बर्तन से वो पानी पी सकते नहीं गाड़ियां हमारी चला तो वो सकते हैं बराबरी में वो हमारी बैठ सकते नहीं कभी मजहब कभी मर्यादा की चादर ओढ़े मिलते है विचार भी हमारे हमें विरासत में मिलते हैं
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